मेरे संगीत की कहानी मेरी जुबानी 1970 (भाग 7)

मेरे संगीत की कहानी मेरी जुबानी 1970 (भाग 7) (ग्वालियर शहर में लीड बेस और कॉर्ड गिटार ) मेरे गुरु स्वर्गीय श्रे ओ.पी.चतुर्वेदी के पचमढ़ी पहुँच जाने से मेरा पचमढ़ी आना जाना शुरू हो गया जहां मैंने Four part Harmony के विषय में विस्तार से जाना और बड़ी बड़ी Concerts को देखा,सुना और गहन अध्यन[…]

मेरे संगीत की कहानी मेरी जुबानी 1970 (भाग 8)

मेरे संगीत की कहानी मेरी जुबानी 1970 (भाग 8) (असीम स्नेह और सहयोग दिया सिंधिया राज परिवार ने) सीमित साधनों में हमारा ग्रुप कमाल के कार्यक्रम दे रहा था ,सारे सदस्य कलाकार एक से एक हीरे और कमाल के मेहनती थे ,हम लोग घंटों घंटों रियाज करते थे ,हमारे पास रियाज करने के लिये सिवाय[…]

मेरे संगीत की संक्षिप्त कहानी मेरी जुबानी (1971) , भाग 9

मेरे संगीत की संक्षिप्त कहानी मेरी जुबानी (1971) , भाग 9 मित्रों जैसा कि मैंने पहले कहा ये कहानी सुनाने का तात्पर्य किसी तरह का प्रचार बिलकुल नहीं है बल्कि चूंकि इन घटनाओं को घटे हुए एक लंबा समय बीत चूका है और शहर के नई पीढ़ी के कलाकार और आज के मुझसे जुड़े हुए[…]

मेरे संगीत की संक्षिप्त कहानी मेरी जुबानी (1972) , भाग 10

मेरे संगीत की संक्षिप्त कहानी मेरी जुबानी (1972), भाग 10 मित्रो पाश्चात्य वाद्यों के पीछे ऐसी दीवानगी का तात्पर्य यह बिलकुल नहीं था कि मैं पाश्चात्य संस्कृति और संगीत का दीवाना था बल्कि मैं अपने देश अपनी संस्कृति और शहर को इस दीवानगी के हद तक प्यार करता था और हूँ कि उस समय ग्यारहवें[…]

मेरे संगीत की संक्षिप्त कहानी मेरी जुबानी (1972), भाग 11

मेरे संगीत की संक्षिप्त कहानी मेरी जुबानी (1972), भाग 11 1972 नवम्बर की मेरे द्वारा प्रस्तुत की गयी शहर की प्रथम रंगीन संगीत रात्रि ने संगीत कार्यक्रमों की दिशा बदल दी ,उसकी अपार सफलता ने कई लोगों के मन में ये भी ख्याल लाया कि अजीत सिंह ने इस कार्यक्रम में बहुत पैसा कमाया है[…]

मेरे संगीत की संक्षिप्त कहानी मेरी जुबानी (1986 -1995), भाग 12

मेरे संगीत की संक्षिप्त कहानी मेरी जुबानी (1986 -1995), भाग 12 समय अपनी चाल चल रहा था ,इन सब बातों के साथ मेरी निजी ज़िंदगी में भी तमाम परिवर्तन हो रहे थे ,बावजूद संगीत के क्षेत्र में असीमित आर्थिक ,पारवारिक और भावनात्मक कठिनाइयों के मैं चाहता था मेरे होने वाले बच्चे भी कला के क्षेत्र[…]

मेरे संगीत की संक्षिप्त कहानी मेरी जुबानी (1995-2014), भाग 13-14

मेरे संगीत की संक्षिप्त कहानी मेरी जुबानी (1995-2014), भाग 13-14 कार्यक्रम का दिन आ गया और 5 jun 1995 को बैजा ताल के तैरते रंगमंच पर एक इतिहास बन गया “स्रष्टि का जन्म और प्रथम मानव ” नृत्य नाटिका को खचाखच भरे बैजाताल परिसर में जनता ने 48 degree तापमान में तपती हुई पटियों पर[…]